Monday, 14 August 2017

रिश्ता...

रिश्ते का नाम(दोस्त, परिचित या जो भी) जानने की अपेक्षा उसमें जो अपनत्व-प्रेम है,उसे समझिए...नाम ज़रुरी ही नहीं है।

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