🙏आज 3 मई को 'विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस' है..सभी ख़बरनवीस साथियों को शुभकामनाएँ..आइए,प्रयास करें कि,हम एकजुट होकर कलम के दम पर अँधेरे को छीलते रहेंगे..
🌿🌸🙏🌿🌸💐🍁🍃🍂
कलम लेकर चला हूँ,
क्योंकि,
मुझे किनारा जरुर चाहिए।
अन्धकार से लड़ना जारी है,
क्योंकि,
मुझे नई सुबह जरुर चाहिए।
ठान लिया है,तो मंजिल पाऊँगा,
क्योंकि,
खुला रास्ता जरुर चाहिए।
राही हूँ,चलता रहूंगा,बैठूंगा नहीं,
क्योंकि,
एक दिन अच्छा समय जरुर चाहिए।
नहीं फिक्र किसी बात से,
क्योंकि,
लक्ष्य देख लिया है,जरुर चाहिए।
बदल जाएँगे सबके सुर,
क्योंकि,
मुझे पाना है कामयाबी।
आजाद हूँ अपनी धार से,
क्योंकि,
सच छिपता नहीं जंजीर से।
तकलीफें हैं तो आती रहें,
क्योंकि,
कलम के संघर्ष से
मुस्कुराते हुए लिखी है,
यूँ ही लिखता रहूंगा
नित नई दास्तां..।
🌸🌿🌸🌿🌸🌿
आपका अपना कलम
दार साथी
अजय जैन 'विकल्प'
(पत्रकार -दैनिक स्वदेश,इंदौर )
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कलम लेकर चला हूँ,
क्योंकि,
मुझे किनारा जरुर चाहिए।
अन्धकार से लड़ना जारी है,
क्योंकि,
मुझे नई सुबह जरुर चाहिए।
ठान लिया है,तो मंजिल पाऊँगा,
क्योंकि,
खुला रास्ता जरुर चाहिए।
राही हूँ,चलता रहूंगा,बैठूंगा नहीं,
क्योंकि,
एक दिन अच्छा समय जरुर चाहिए।
नहीं फिक्र किसी बात से,
क्योंकि,
लक्ष्य देख लिया है,जरुर चाहिए।
बदल जाएँगे सबके सुर,
क्योंकि,
मुझे पाना है कामयाबी।
आजाद हूँ अपनी धार से,
क्योंकि,
सच छिपता नहीं जंजीर से।
तकलीफें हैं तो आती रहें,
क्योंकि,
कलम के संघर्ष से
मुस्कुराते हुए लिखी है,
यूँ ही लिखता रहूंगा
नित नई दास्तां..।
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आपका अपना कलम
दार साथी
अजय जैन 'विकल्प'
(पत्रकार -दैनिक स्वदेश,इंदौर )

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