सुसंध्या 💐🌻😊🌸🍂
मालिक बनो ....न बनो ...मर्जी आपकी..
हर इंसान को यह ग़लतफहमी होती है कि जो हो रहा है, उस पर उसका कण्ट्रोल है.. इन्सान ही सब कुछ कर रहा है,ईश्वर कहीं नहीं है..अचानक ही कोई अनजानी ताकत सबकुछ बदल देती है..चाहे सुनामी हो या आसमानी तकलीफ..कुछ ही सेकण्ड्स लगते हैं सबकुछ बदल जाने में. फिर यादआती है रब की.. दरअसल हमने खुद को ही हर काम में मालिक समझ लिया है..इसलिए कभी -कभी बड़ा मालिक किसी रुप में मालिकाना हक बताने आ जाता है..वो यही कहता है कि मालिक- भक्ति के साथ के ,दुआ के ,
वफादारी के और सत्संग व सात्विक विचारों के बनो..किसी को दुआ भी दो तो लगे कि दुआ के मालिक ने दिल से दुआ दी है.. मज़बूरी में काम मत करो..मन से करो..कई लोग ऊपरी मन से तारीफ करते हैं..जैसे ' फेयर & लवली'..यानि मुँह धोते ही चमक ग़ायब..हमें सत्संग की क्रीम से जीवन सुधारना है..और व्यवहार-कर्म की फेयर क्रीम से हर रिश्ते को..
🍀🍀🍀🌷🍀🍀🍀
😃आज तो मुस्कुराईए 😀
आपका दिन मंगलमय हो..🙏🌸🍂
आपका शुभेच्छु 🙏🏻🌹
अजय जैन ' विकल्प '
[चीफ रिपोर्टर -स्वदेश समाचार पत्र, इंदौर ] ajayjainvikalp@gmail.com
indoreswadesh@gmail.com
9770067300🌹🌺🙏🍀🙏
🍃🍃🍃🍂🍃🍃🍃🍃🍂
मालिक बनो ....न बनो ...मर्जी आपकी..
हर इंसान को यह ग़लतफहमी होती है कि जो हो रहा है, उस पर उसका कण्ट्रोल है.. इन्सान ही सब कुछ कर रहा है,ईश्वर कहीं नहीं है..अचानक ही कोई अनजानी ताकत सबकुछ बदल देती है..चाहे सुनामी हो या आसमानी तकलीफ..कुछ ही सेकण्ड्स लगते हैं सबकुछ बदल जाने में. फिर यादआती है रब की.. दरअसल हमने खुद को ही हर काम में मालिक समझ लिया है..इसलिए कभी -कभी बड़ा मालिक किसी रुप में मालिकाना हक बताने आ जाता है..वो यही कहता है कि मालिक- भक्ति के साथ के ,दुआ के ,
वफादारी के और सत्संग व सात्विक विचारों के बनो..किसी को दुआ भी दो तो लगे कि दुआ के मालिक ने दिल से दुआ दी है.. मज़बूरी में काम मत करो..मन से करो..कई लोग ऊपरी मन से तारीफ करते हैं..जैसे ' फेयर & लवली'..यानि मुँह धोते ही चमक ग़ायब..हमें सत्संग की क्रीम से जीवन सुधारना है..और व्यवहार-कर्म की फेयर क्रीम से हर रिश्ते को..
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अजय जैन ' विकल्प '
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