Tuesday, 25 October 2016

जौहरी...सुप्रभात...

सुप्रभात आदरणीय मित्रों..
🌸🍁😊🙏🍂
ज्ञान के बिना....
एक जौहरी के निधन के बाद उसका
परिवार संकट में पड़ गया..खाने के भी लाले पड़ गए..एक दिन उसकी पत्नी ने अपने बेटे को नीलम का एक हार देकर कहा- 'बेटा, इसे अपने चाचा की दुकान पर ले जाओ..कहना इसे बेचकर कुछ रुपये दे दें..
बेटा वह हार लेकर चाचा जी के पास गया..
चाचा ने हार को अच्छी तरह से देख-परखकर कहा-बेटा, मां से कहना कि अभी बाजार
बहुत मंदा है..थोड़ा रुककर बेचना,
अच्छे दाम मिलेंगे..उसे थोड़े से रुपए  देकर कहा कि तुम कल से दुकान पर आकर बैठना..अगले दिन से वह लड़का रोज दुकान पर जाने लगा और वहां हीरों-रत्नो की परख का काम सीखने लगा..एक दिन वह बड़ा पारखी बन गया..लोग दूर-दूर से अपने हीरे की परख कराने आने लगे..
एक दिन उसे चाचा ने कहा-बेटा अपनी मां से वह हार लेकर आना और कहना कि अब बाजार बहुत तेज है, उसके अच्छे दाम मिल जाएंगे..
मां से हार लेकर उसने परखा तो
पाया कि वह तो नकली है..वह उसे घर पर ही छोड़ कर दुकान लौट आया..चाचा ने पूछा, हार नहीं लाए?
उसने कहा-वह तो नकली था..
तब चाचा ने कहा-जब तुम पहली बार
हार लेकर आये थे,तब मैं उसे नकली बता देता तो तुम सोचते कि आज हम पर बुरा वक्त आया तो चाचा हमारी चीज को भी नकली बताने लगे..आज जब तुम्हें खुद ज्ञान हो गया तो पता चल गया कि हार सचमुच नकली है..
🙏🏼सार-सच यह है कि ज्ञान के बिना इस संसार में हम जो भी सोचते, देखते और जानते हैं, सब गलत है..
और ऐसे ही गलतफहमी का शिकार
होकर रिश्ते बिगड़ते हैं..(साभार)
बात ने अगर दिल को छुआ हो तो कृपया इसे फैलाएं जरूर 🌿
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😊मुस्कुराहट फैलाइए,यही तो जीवन है..खुश रहिए,आपका हर दिन मंगलमय ही होगा..
🌴🍄🌾🌴🍀♦🌲🍃🌺
आपका शुभचिंतक 🙏🌹
अजय जैन ' विकल्प '
[चीफ रिपोर्टर -स्वदेश समाचार पत्र, इंदौर ] ajayjainvikalp@gmail.com
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