Monday, 4 July 2016

प्रसन्न रहिये

सुसंध्या ..🙏🏻🍂😃🍃🌹
...खुद को बदलिए, प्रसन्न रहिए..
जिंदगी एक लम्बा सफर है ,जिसमें रोज़ कुछ-न-कुछ अच्छा ओर बुरा होता रहता है..यानि कभी खुशी बरसती है तो कभी-कभी ग़म के बादल भी.. रोज  तारीख   बदलती  है, दिन बदलते हैं..पर हम इससे अक्सर बहुत कम सीखते हैं.. हर दिन  उमर  भी बदलती है...समय भी..पर हम खुद को बदलने की नहीं सोचते हैं..हमारा  नजरिया तो वक्त  के साथ करवट मार लेता  है....लेकिन 'हम खुद' रह जाते हैं
...शायद जानकर भी खुद को न बदलने की वजह अपने को सही/ भगवान मानना भी हो सकती है..ज्यादातर ,बस इसी वजह  से  हमें लगता है कि अब  'जमाना' बदल   गया है.....बात इतनी सरल है कि ,ज़माना तो बदलेगा ही..आप बदले तो और न बदले तो भी..क्योंकि वक्त रूपी ज़माने का पहिया तो चलता ही रहता है..बेहतर है  कि ,हम अपने को भी बदलें..समय को समझकर साथ चलें..खुशी पाएँ..अगर जिंदगी सफर है सुहाना तो उसे समझें ही नहीं ,विकल्प के रुप में अपनाएं भी..बस इतना ही..
🍀🍀🍀🌷🍀🍀🍀
😃मुस्कुराते 😀रहिए 😀
आपका कल भी मंगलमय हो..🙏🍃
आपका शुभेच्छु 🍁
अजय जैन ' विकल्प '
[चीफ रिपोर्टर -स्वदेश समाचार पत्र, इंदौर ] ajayjainvikalp@gmail.com
indoreswadesh@gmail.com
9770067300🌹🌺🙏🍀🙏
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