🎭सुसंध्या..🙏🌸
💐 थोड़ा तो झुकना ही होगा...
जिंदगी नामुमकिन तो नहीं ,पर इतनी आसान भी नहीं है कि हर कोई इसे जी ले..जिंदगी के सफर में सांस तो सब लेते हैं पर इसे ही सब नहीं माना चाहिए..कई बार व्यापार और रिश्ते बचाने के लिए ऐसी सांस भी लेनी पड़ती है जो झुकने /समझौते की होती है..अब सवाल यह कि जब गलती नहीं तो हर कदम पर समझौता क्यों करें...सवाल यह भी कि ,जीना है तो क्या ऐसे मर-मरकर जिया जाए..तो जवाब यह है कि यदि जिंदगी में समस्या की जलेबी है ,तो हल भी इसकी चाशनी में में से ही निकलने की सम्भावना होती है..यकीन मानिए ,कभी-कभी इस तरह झुकने के समझौते से भी मजा आता ही है..समझने में बुरा होकर भी अगर झुकने से कुछ बचता है तो क्यों न बचा ही लिया जाए....एक कोशिश तो कीजिए..
🍀♦💐🍀🌷🌀🍀🍂🍀
😃बस मुस्कुराते 😀रहिए 😀
आपका हर दिन मंगलमय हो..🙏🌸🍂
आपका शुभेच्छु 🙏🏻🌹
अजय जैन ' विकल्प '
[चीफ रिपोर्टर -स्वदेश समाचार पत्र, इंदौर ] ajayjainvikalp@gmail.com
indoreswadesh@gmail.com
9770067300🌹🌺🙏🍀🙏
🍃🍃🍃🍂🍃🍃🍃🍃🍂
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