माननीय सुसंध्या ..🌷😀💥
मन की मस्ती..
बारिश पड़े तो भागिए नहीं.....छत नहीं खोजिए.... छाते कभी-कभार बंद रखिए...किस बात का डर है...? भीग जाएंगे न....?तो क्या हुआ...पिघलेंगे नहीं...फिर से सूख जाएंगे...
तेजाब नहीं बरस रहा है...आपकी 799 वाली टी-शर्ट भी सूख जाएगी...ब्रांड भी उसका Levis से Lebis नहीं हो जाएगा.......मोबाइल पालीथिन में कस के रख लीजिए....सड़क साफ़ है...कोई नहीं आएगा.....उस स्ट्रीट लैम्प की पीली रौशनी में डिस्को करती बूंदों को देखिए....थोड़ा धीरे चलिए.....जल्दी पहुंच के भी क्या बदल जाना है...बारिश बदलाव है... मौसम का.. मन का... कल्पनाओं का...और लाइफ के गियर का... दिमाग से दिल की तरफ...सब धुल रहा है... प्रकृति सब कुछ धो रही है....याद कीजिए....वो कागज़ की नाव, कॅालेज/कोचिंग में भीगे सिर आए वो लड़की-लड़के..बारिश में जबरदस्ती नाचने को खींच कर ले गए दिलदार दोस्त....सब चलते-चलते याद कीजिए.....दुहराना आसान नहीं होता... दुहराना चाहिए भी नहीं...लेकिन सहेजा तो जा ही सकता है....ताकि ऐसी किसी बारिश में चलते-चलते सोच के मुस्कुराया भी जा सके...ज़ुकाम से मत डरिए.....दवा से सही हो जाएगा....बारिश से डरेंगे तो फिर ज़ुकाम आपका महंगा वाला शावर भी ठीक नहीं कर पाएगा..और वैसे भी.. मैंने शावर में सिर्फ लोगों को रोते सुना है... मुस्कुराते नहीं..क्योंकि उनका गाना भी रोने से कम नहीं होता है...बारिश आई है.....थोड़ा चल लीजिए.....थोड़ा भीग लीजिए....खुद से मिल लीजिए...थोड़ा मुस्कुरा भी लीजिए...क्योंकि बारिश चन्द दिनों के लिए आई है...जैसे सावन में बिटिया घर आई हो....चली जाएगी वापस...फिर न रोइएगा कि अब कब आएगी...बारिश हो रही है....उसके सहारे कुछ पल अपने लिए भी जी लेने की कोशिश कर लीजिए....याद रखिए कि मन की मस्ती के आगे कुछ भी कीमती नहीं..और कीमत चुकाकर भी बारिश का कोई विकल्प नही है आपके पास.. 👏
😃 बस यूँ ही मुस्कुराईए 😀
आपका हर दिन मंगलमय हो..
🌴🍄🌾🌴🍀♦🌲🍃🌺
आपका शुभेच्छु 🙏🌹
अजय जैन ' विकल्प '
[चीफ रिपोर्टर -स्वदेश समाचार पत्र, इंदौर ] ajayjainvikalp@gmail.com
indoreswadesh@gmail.com
9770067300
(🙏फेसबुक ,ब्लॉग ,पेज और शेयर चेट पर भी उपलब्ध..
हर संदेश पर आपकी किसी भी प्रतिक्रिया के इंतजार में.. )🍂🌹🍂🌹🍁
मन की मस्ती..
बारिश पड़े तो भागिए नहीं.....छत नहीं खोजिए.... छाते कभी-कभार बंद रखिए...किस बात का डर है...? भीग जाएंगे न....?तो क्या हुआ...पिघलेंगे नहीं...फिर से सूख जाएंगे...
तेजाब नहीं बरस रहा है...आपकी 799 वाली टी-शर्ट भी सूख जाएगी...ब्रांड भी उसका Levis से Lebis नहीं हो जाएगा.......मोबाइल पालीथिन में कस के रख लीजिए....सड़क साफ़ है...कोई नहीं आएगा.....उस स्ट्रीट लैम्प की पीली रौशनी में डिस्को करती बूंदों को देखिए....थोड़ा धीरे चलिए.....जल्दी पहुंच के भी क्या बदल जाना है...बारिश बदलाव है... मौसम का.. मन का... कल्पनाओं का...और लाइफ के गियर का... दिमाग से दिल की तरफ...सब धुल रहा है... प्रकृति सब कुछ धो रही है....याद कीजिए....वो कागज़ की नाव, कॅालेज/कोचिंग में भीगे सिर आए वो लड़की-लड़के..बारिश में जबरदस्ती नाचने को खींच कर ले गए दिलदार दोस्त....सब चलते-चलते याद कीजिए.....दुहराना आसान नहीं होता... दुहराना चाहिए भी नहीं...लेकिन सहेजा तो जा ही सकता है....ताकि ऐसी किसी बारिश में चलते-चलते सोच के मुस्कुराया भी जा सके...ज़ुकाम से मत डरिए.....दवा से सही हो जाएगा....बारिश से डरेंगे तो फिर ज़ुकाम आपका महंगा वाला शावर भी ठीक नहीं कर पाएगा..और वैसे भी.. मैंने शावर में सिर्फ लोगों को रोते सुना है... मुस्कुराते नहीं..क्योंकि उनका गाना भी रोने से कम नहीं होता है...बारिश आई है.....थोड़ा चल लीजिए.....थोड़ा भीग लीजिए....खुद से मिल लीजिए...थोड़ा मुस्कुरा भी लीजिए...क्योंकि बारिश चन्द दिनों के लिए आई है...जैसे सावन में बिटिया घर आई हो....चली जाएगी वापस...फिर न रोइएगा कि अब कब आएगी...बारिश हो रही है....उसके सहारे कुछ पल अपने लिए भी जी लेने की कोशिश कर लीजिए....याद रखिए कि मन की मस्ती के आगे कुछ भी कीमती नहीं..और कीमत चुकाकर भी बारिश का कोई विकल्प नही है आपके पास.. 👏
😃 बस यूँ ही मुस्कुराईए 😀
आपका हर दिन मंगलमय हो..
🌴🍄🌾🌴🍀♦🌲🍃🌺
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अजय जैन ' विकल्प '
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