Thursday, 18 August 2016

रिश्ते सहेजिए...

सुसंध्या 😊 दोस्तों..
रिश्ते सहेजिए...
रिश्ता कोई भी हो,कम हो /अधिक गहरा हो,यदि उनमें अपनापन नहीं है तो उनका होना भी नहीं होने जैसा ही होता है..वास्तव में रिश्ते सम्भाल (देखरेख )मांगते हैं..चिन्ता कर ली तो आप सुखी/खुश..नहीं तो दोनों ही नाराज़..कोई किसी से जीवनभर शिकायत ही करता रहता है तो कोई अपनी ओर से निभा-निभाकर पतला हो रहा है.. पर सामने वाला इसे सहेजना तो दूर, महसूस ही नहीं कर रहा..ऐसे में रिश्ते के धागे पहले कमजोर होते हैं..फ़िर टूट जाते हैं..आपने सामने वाले के न चाहने पर भी इन्हें जबरन सहेजा तो,आगे झगड़ा होगा ही..पर दोनों ने ही फिक्र नहीं की तो भी नुकसान है..भाई ,मित्र ,पिता और माँ के साथ सम्बन्धों की डोर हो या प्यारी बहिन के साथ..रिश्तों में गम्भीरता ,मिठास/ प्रेम  और भरोसा तभी आएगा ,जब आप उसमें मेहनत/विश्वास का पानी डालेंगे..आज जब आप रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाएं तो उस रिश्ते को तो पूरा सहेजिए..बहिन को कभी भी अहसास नहीं हो कि ये मात्र भाई के घर आने का मौका है..उसे ज़माने की तकलीफ से आपकी मदद ही नही चाहिए ,बल्कि आपका प्यार और कई बार तो केवल साथ की ही ज्यादा ज़रूरत होती है..हर सम्बन्ध में हमें हमेशा याद रखना पड़ेगा कि कई सम्बन्धों में कुछ ही खास बनते हैं..तो हर रिश्ता लम्बा नहीं चलता है..आप जितना करेंगे ,उससे कम ही लौटेगा..यानि दिल के करीब कुछ ही रिश्ते आते हैं..जैसे 2-3 बहनों में अपनी सबसे एक जैसी पटरी नहीं बैठती है..मान/प्रेम सबसे होता है ,पर कोई 1 बहन ही हमारे लिए 'प्यारी बहनिया' होती है..ऐसे ही एकाध दोस्त भी..इसी से हम बहुत अधिक घुले होते हैं..जैसे माँ से..कोशिश कीजिए कि भाई-बहन हों तो अपनेपन को जिंदा रखें..समझें कि बहन के लिए भाई और भाई के लिए बहन ही सबसे बड़ा सहारा है..भाई और बहन के रिश्ते की ही यह भी खासियत है कि कोई बात न होने पर भी लड़ाई करने को मन करे तो भाई की टांग खींचने और बहन की  चोटी खराब करने से अच्छा कुछ नहीं होता  है..याद रखिए कि मम्मी के गुस्से से बचाने और कई बार मम्मी से पिटवाने वाले भी प्यारे भाई-बहन ही होते हैं..याद तो यह भी रखने की बात है कि ,जेब खर्च खत्म होने पर बहन या भाई ही तो पैसे देते हैं..ऐसे ही जब जिंदगी की नई शुरुआत होती है तो सबसे बड़ा/बड़ी मददगार भाई/बहन/दोस्त ही तो है..ये ऐसा प्यारा रिश्ता है,जहां चिंता है,रक्षा है,मज़बूती का विकल्प है और जिंदगीभर का साथ भी है..पर सम्भालना तो इसे भी बेहद आवश्यक है..वरना बिखरते हुए देर नहीं लगती है..इस रक्षाबंधन पर प्रेमभरा यही अनुरोध कि हर कड़ी को जोड़े रहिए..प्रेम की जंजीर ही जीवन है.. आपको त्यौहार की शुभकामनाएँ..🌸🙏🏻
😃 बस यूँ ही मुस्कुराईए  😀
आपका हर दिन मंगलमय हो..
🌴🍄🌾🌴🍀♦🌲🍃🌺
आपका शुभेच्छु 🙏🌹
अजय जैन ' विकल्प '
[चीफ रिपोर्टर -स्वदेश समाचार पत्र, इंदौर ] ajayjainvikalp@gmail.com
indoreswadesh@gmail.com
9770067300
(🙏फेसबुक ,ब्लॉग ,पेज और शेयरचेट पर भी उपलब्ध..संदेश पर आपकी किसी भी प्रतिक्रिया के इंतजार में.. )🍂🌹🍂

No comments:

Post a Comment