Friday, 12 August 2016

सकारात्मक...

😀सुसंध्या माननीय दोस्तों 💐
सकारात्मक रहिए..
रोजमर्रा के काम में अनेक तकलीफें थी ,हैं और रहेंगी भी..तो क्या हम सांस लेना छोड़ दें.नहीं ,कतई नहीं..हर तकलीफ यानि अँधेरे में ही रोशनी यानि बेहतर होता है..अगर तालाब में 'कीचड़' ही देखते रहेंगे तो , यहीं खिले हुए 'कमल' की सुंदरता नहीं देख पाएँगे..कमी की बात तो ऐसी है कि , लोग तो खूबसूरत /शीतल 'चाँद' में भी दाग देख लेते हैं..फ़िर भी उसे देखना बंद नहीं करेंगे..बात बस इतनी ही है कि ,  हम जीवन में हमेशा प्रशंसक बनेंगे तो ज्यादा पाएँगे.. प्रयत्न कीजिए कि सकारात्मकता के साथ प्रशंसक की भूमिका निभाएँ..निंदक की नहीं..क्योंकि *प्रशंसा* हमेशा  *सकारात्मक ऊर्जा* को जन्म देती है, और *निन्दा*  *नकारात्मक* सोच की ओर ले जाती है..
😃 बस यूँ ही मुस्कुराईए  😀
आपका हर दिन मंगलमय हो..
🌴🍄🌾🌴🍀♦🌲🍃🌺
आपका शुभेच्छु 🙏🌹
अजय जैन ' विकल्प '
[चीफ रिपोर्टर -स्वदेश समाचार पत्र, इंदौर ] ajayjainvikalp@gmail.com
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🍂🌹🍂🌹🍁

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