सुसंध्या मित्रों...😊
कभी हँसते हुए छोड़ देती
है ये ज़िन्दगी..
कभी रोते हुए छोड़ देती है
ये ज़िन्दगी..
न पूर्ण विराम सुख में..
न पूर्ण विराम दु:ख में..
बस जहाँ देखो वहाँ
'अल्प विराम' छोड़ देती है ये जिंदगी..।
प्यार की डोर सजाए रखो,
दिल को दिल से मिलाए रखो..
क्या लेकर जाना है साथ,
इस दुनिया से..
मीठे बोल-अच्छे व्यवहार से
रिश्तों को बनाए रखो..
😃 बस यूँ ही मुस्कुराईए 😀
आपका हर दिन मंगलमय हो..
🌴🍄🌾🌴🍀♦🌲🍃🌺
आपका शुभेच्छु 🙏🌹
अजय जैन ' विकल्प '
[चीफ रिपोर्टर -स्वदेश समाचार पत्र, इंदौर ] ajayjainvikalp@gmail.com
indoreswadesh@gmail.com
9770067300
(🙏फेसबुक ,ब्लॉग ,पेज और शेयरचेट पर भी उपलब्ध..संदेश पर आपकी किसी भी प्रतिक्रिया के इंतजार में.. )🍂🌹🍂
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कभी रोते हुए छोड़ देती है
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बस जहाँ देखो वहाँ
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प्यार की डोर सजाए रखो,
दिल को दिल से मिलाए रखो..
क्या लेकर जाना है साथ,
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रिश्तों को बनाए रखो..
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